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‘‘शिक्षा वही सार्थक है जो समाज को बुनियादी रूप में मजबूत करने वाली पीढ़ी का निर्माण करे’’ – महात्मा गाँधी जी की इस सोच में पूरा वैश्विक दर्शन व तमाम शिक्षण विधियाँ समाई हुई है।

‘‘शिक्षा वही सार्थक है जो समाज को बुनियादी रूप में मजबूत करने वाली पीढ़ी का निर्माण करे’’ – महात्मा गाँधी जी की इस सोच में पूरा वैश्विक दर्शन व तमाम शिक्षण विधियाँ समाई हुई है। जो नई पीढ़ी के माध्यम से एक सकारात्मक समाज का निर्माण कर सकने में हर बार समर्थ सिद्ध हुई है। युवा एक साहस का नाम है, जिसके कोश में असंभव जैसा शब्द नहीं होता। वह जिस भी दिशा में बढ़ चलता है एक नवनिर्माण कर गुजरता है। भारत में और विश्व में जब भी कोई बड़ा परिवर्तन हुआ, बड़ा सृजनकार्य हुआ, उसके मूल में युवाशक्ति ही काम करती रही है। 

हमें आज ऐसे ही युवाओं की आवश्यकता है जो अपने प्रकाशित व्यक्तित्व के उदाहरण से अनेकों को प्रकाशवान कर सकें। हमारा महाविद्यालय ऐसे ही व्यक्तित्वों को गढ़ने के इसी विनम्र प्रयास का एक नाम है। मेरे पूज्य पिताजी ने कभी स्वप्न देखा था कि इस पिछड़े और ग्रामीण कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ अंचल में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की प्रविधि व तकनीकों से युक्त शिक्षा यहां के युवाओं को अत्यंत सहजता व सुलभता से प्राप्त हो सके। हमारे महाविद्यालय के अनुभवी, समर्पित शिक्षकों व सहयोगियों के प्रयत्नों से अत्यल्प समय में इस स्वप्न का मूर्तिमान होना संभव भी हुआ। 

यहां से अध्ययन प्राप्त कर निकले छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हस्तगत की हैं और अपने माता-पिता का नाम रौशन किया है यह सब हमारे लिए गर्व का विषय है। 

हमारा देश गाँवों में बसता है और देश में विशिष्ट प्रतिमान स्थापित करने वालों में सबसे बड़ी संख्या प्रतिभाशाली ग्रामीण युवाओं की ही देखी जा सकती है। हम भी ग्रामीण अंचल के युवाओं को अवसर देना अपनी प्राथमिकता में रखते हैं । इन्हीं युवाओं से राष्ट्र के नवनिर्माण की क्षमता विकसित करने के आधारभूत संस्कारों को पुष्ट करना हमारे महाविद्यालय का कर्त्तव्य और धर्म है। 

विशेषकर छात्राओं के प्रति……. आप सब हमारा गौरव व स्वाभिमान हैं। प्रकृति ने स्वाभाविक तौर पर आपको अधिक संवेदनशील और अधिक सक्षम बनाया है। हम सभी भारतवासी मातृशक्ति के सहज आराधक होते हैं। यह महाविद्यालय आप सभी छात्राओं के नैसर्गिक प्रतिभाओं को परिष्कृत करने में सहयोगी सिद्ध होगा यह विश्वास है। यहॉं आपको पूरी सुरक्षा व स्नेह सदा मिलता रहेगा। 

आप सभी प्रवेशित छात्र-छात्राओं का महाविद्यालय परिवार स्वागत करता है और पालकों को आश्वस्त करता है कि आपके बच्चे अब हमारी जिम्मेदारी में न केवल सुरक्षित रहेंगे बल्कि उनके व्यक्तित्व के चहुॅंमुखी विकास की जवाबदेही हमारी है। आप सभी समाज, देश व विश्व को एक बेहतर कल दे सकेंगे ऐसा विश्वास है………..-

बसंत शर्मा
चेयरमैन 

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