From the desk of

Principal

” समस्त आंतरिक शक्तियों का बाह्य प्रकटीकरण ही शिक्षा है ।” – महात्मा गाँधी

यूँ तो महाविद्यालयीन शिक्षा के पहले हमारे विद्यार्थी विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर चुके होते हैं किन्तु अनेक कारणों की वजह से उनकी आंतरिक शक्तियों का बाह्य प्रकटीकरण पूर्ण रूप से नहीं हो पाता, जिन्हें पूर्ण करने हेतु हमारा महाविद्यालय प्रतिबद्ध है। वर्तमान संदर्भ में परिलक्षित होता है कि, हमारे समाज में एक भ्रम का माहौल है, भटकाव की स्थिति है, इसे दिशाहीन होना भी कहा जा सकता है। जहां से हमारे विद्यार्थी महाविद्यालय में आते हैं। उन्हें सही दिशा-निर्देश देना ही हमारा सर्वोच्च लक्ष्य है। 

हमारी युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति की मर्यादा को भुला कर किसी दूसरी तरफ निकल रही है। मानवीय मूल्यों की उपेक्षा कर रही है, जबकि वही हमारी संस्कृति का आधार हैं। उपरोक्त गुणों को पुर्नस्थापित करना ही हमारे महाविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 हमारे देश के समक्ष अनेक समस्याएं हैं जिनके निराकरण हेतु युवा पीढ़ी को तैयार करना अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। समाज एवं व्यक्ति एक-दूसरे के पूरक हैं दोनों की प्रगति एक दूसरे में निहित है। 

उच्च शिक्षा और तकनीकी, नवाचार एवं शोध साथ-साथ चलने वाली प्रक्रिया है, जो शिक्षा का प्रमुख आधार है। वर्तमान संदर्भ में समाज की यही मांग है। खोज/शोध से बेहतर दुनिया के निर्माण में एक और कदम बढ़ते हैं हम। उच्च शिक्षा हमारे अब तक अर्जित ज्ञान का विस्तार है और यह हमारे विद्वान, योग्य, कर्मठ आचार्यों के सहयोग से संभव होता है। उच्च कोटि के अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ समस्त पाठ्य सहगामी/पाठ्येत्तर गतिविधियों का संचालन हमारी विशेषता है। जिसके अंतर्गत साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेलकूद आदि कार्यक्रम वर्षपर्यत संचालित होते रहते हैं ं फलस्वरूप विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास, स्वस्थ एवं आनंददायी वातावरण में हो और वे ं समाज/राष्ट्र के निर्माण हेतु आत्मविश्वास के साथ तैयार हो जाएं, अपनी अनंत ऊर्जा का सदुपयोग कर सकें। उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएॅं 

डॉ. रंजना चतुर्वेदी
प्रिंसिपल 

Close Menu